-
HP पटवारी परीक्षा में लगेंगे पूरे 19 दिन? HPRCA ने खोल दिया 1.9 लाख छात्रों का चौंकाने वाला गणित!
-
JOA IT या पंचायत सचिव, कौन सा एग्जाम पहले? HPRCA की नई CBT रिपोर्ट देखकर टेंशन में आ जाएंगे आप!
-
29 सेंटर और लाखों छात्र… कैसे होगी HP पटवारी परीक्षा? जानें HPRCA का ‘टैबलेट’ वाला मास्टरप्लान!
क्या आप भी हिमाचल में पटवारी, JOA IT या पंचायत सचिव बनने का सपना देख रहे हैं? अगर हां, तो ज़रा अपनी सांसें थाम लीजिए।
क्या आपने कभी सोचा है कि किसी एक भर्ती परीक्षा को पूरा होने में लगातार 19 दिन लग सकते हैं?
सुनकर थोड़ा अजीब लगा ना? सच कहें तो, जब मैंने पहली बार HPRCA का ताज़ा गणित देखा, तो मेरा भी यही रिएक्शन था। विधानसभा के मानसून सत्र से एक ऐसी जानकारी बाहर आई है, जो आपकी रातों की नींद उड़ा सकती है।
H2: 29 सेंटर्स का खेल, कैसे होगा एग्जाम?
अब देखिए, HPRCA (हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग) ने साफ कर दिया है कि प्रदेश भर में CBT (कंप्यूटर आधारित टेस्ट) के लिए फिलहाल सिर्फ 29 प्रयोगशालाएं (Centres) ही मौजूद हैं।
चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं। इन 29 सेंटर्स की एक शिफ्ट में सिर्फ 3,449 बच्चे ही पेपर दे सकते हैं।
अब एक दिन में ज़्यादा से ज़्यादा 3 शिफ्ट हो सकती हैं। इसका सीधा मतलब है कि एक दिन में पूरे हिमाचल से सिर्फ 10,347 छात्र ही परीक्षा दे पाएंगे।
H2: पटवारी परीक्षा में सच में लगेंगे 19 दिन?
वैसे, असली गणित तो अब शुरू होता है। आपको पता ही होगा कि पटवारी भर्ती के लिए लगभग 1 लाख 90 हज़ार फॉर्म भरे गए हैं।
ज़रा कैलकुलेटर उठाइए! अगर एक दिन में 10,347 बच्चे पेपर देंगे, तो 1.9 लाख बच्चों का एग्जाम कराने में पूरे 19 दिन लगेंगे।
लगातार 19 दिनों तक 29 सेंटर्स को तीनों शिफ्ट में बुक रखना! यह कोई छोटा-मोटा खेल नहीं है, भाई। आयोग के लिए ये बहुत बड़ा टास्क होने वाला है।
H3: JOA IT और पंचायत सचिव वालों का क्या?
खैर, अगर आप JOA IT या पंचायत सचिव की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए थोड़ी राहत की खबर है।
-
इन दोनों परीक्षाओं में अलग-अलग लगभग 45,000 के करीब उम्मीदवार हैं।
-
इस कैपेसिटी के हिसाब से, इनके एग्जाम लगभग 5-5 दिन तक चलेंगे।
-
ज़्यादा चांस यही हैं कि JOA IT या पंचायत सचिव का पेपर पहले कंडक्ट करवाया जाएगा, और पटवारी का महा-एग्जाम उसके बाद होगा।
H2: टैबलेट बेस्ड टेस्ट (TBT): HPRCA का मास्टरस्ट्रोक?
अब आप सोच रहे होंगे कि अगर 19 दिन तक एग्जाम चलेगा, तो कितने सारे अलग-अलग क्वेश्चन पेपर बनाने पड़ेंगे। नॉर्मलाइजेशन का भी कितना बड़ा पंगा होगा!
इसी भारी टेंशन को दूर करने के लिए HPRCA एक नया दांव खेलने जा रहा है – TBT (Tablet Based Test)।
जी हां! खबर है कि शुरुआत में 10,000 टैबलेट्स लाने की तैयारी चल रही है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि टैबलेट्स को किसी भी स्कूल या कॉलेज में भेजा जा सकता है।
इसके लिए हाई-फाई कंप्यूटर लैब की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी। फिलहाल इसकी टेस्टिंग और मॉक टेस्ट भी चल रहे हैं ताकि एक दिन में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों का पेपर करवाया जा सके।
H2: आखिर कब शुरू होंगे ये एग्जाम?
वैसे, सबसे बड़ा सवाल यही है कि तैयारी के लिए टाइम बचा कितना है?
पुरानी नोटिफिकेशंस के हिसाब से आयोग के ज़्यादातर पेंडिंग एग्जाम हो चुके हैं। सितंबर में भी कुछ पेपर शेड्यूल हैं। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि पटवारी और JOA IT जैसे ये बड़े एग्जाम्स अक्टूबर के आस-पास शुरू हो सकते हैं।
अब समय आ गया है कि आप स्मार्ट वर्क करें। क्योंकि शिफ्ट्स जितनी ज़्यादा होंगी, क्वेश्चन उतने ही अलग और टफ आ सकते हैं।
क्या आपको लगता है कि 19 दिन तक चलने वाले पटवारी एग्जाम में अलग-अलग शिफ्ट्स होने की वजह से कट-ऑफ पर भारी असर पड़ेगा? या फिर HPRCA को टैबलेट्स (TBT) वाला सिस्टम जल्द से जल्द लागू करके परीक्षा कुछ ही दिनों में निपटा देनी चाहिए? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में ज़रूर बताएं!
Enjoying our content? Make us a preferred source on Google.
Add us as a Preferred Source on Google